
ईश्वर ही सबसे बड़े गुरु और अति पूजनीय हैं ॥
श्रीमद्भागवतगीता जी अध्याय 11- श्लोक संख्या -43👇
आप इस चराचर जगत के पिता और “सबसे बड़े गुरु “ एवं अति पूजनीय हैं, हे अनुपम प्रभाव वाले ! तीनो लोकों में आपके समान भी दूसरा कोई नहीं है , फिर अधिक तो कैसे हो सकता है ।
💐जय श्री कृष्ण 💐
समझ में आए तो राम राम नहीं तो राम नाम सत्य है और यह ही तथ्य है ॥
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