
ईश्वर के अवतार ना मानने वालों को श्रीमद्भागवत गीता में मूढ़ बताया गया हे ।
मेरे परम भाव को ना जानने वाले मूढ़ लोग मनुष्य का शरीर धारण करने वाले मुझ सम्पूर्ण भूतों के ईश्वर को तुच्छ समझते हे अर्थात अपनी योग माया से संसार के उद्धार के लिए मनुष्य रूप में विचरते हुए मुझ परमेश्वर को साधारण मनुष्य मानते हे । 💐जय श्री कृष्ण💐
श्रिमद्भगवद गीता -अध्याय -9, श्लोक -११
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